‘Earth’s Hell’ में कैद वेनेजुएला के राष्ट्रपति, जानिए क्यों बदनाम है ये जेल

Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबर ने ग्लोबल पॉलिटिक्स में भूचाल ला दिया है।
गिरफ्तारी के बाद मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित Metropolitan Detention Center (MDC) में रखा गया है — वही जेल जिसे कैदी और वकील “Earth’s Hell” यानी धरती का नरक कहते हैं।

इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।

‘धरती का नरक’ क्यों कहलाती है MDC जेल?

MDC ब्रुकलिन लंबे समय से— अव्यवस्था, हिंसा, अमानवीय हालात को लेकर बदनाम रही है।

फिलहाल इस जेल में करीब 1300 कैदी बंद हैं, जिनमें— गैंग मेंबर, ड्रग पैडलर्स, सफेदपोश अपराधी, इंटरनेशनल क्राइम्स के आरोपी

शामिल हैं।

हालात इतने खराब रहे हैं कि कई अमेरिकी जजों ने आरोपियों को इस जेल में भेजने से इनकार तक कर दिया।

दुनिया का सबसे ताकतवर देश, और उसकी सबसे बदनाम जेल। जहां अपराधी तो दूर, जज भी भेजने से डरते हैं — वहीं अब एक राष्ट्रपति बंद है।

यहां रह चुके हैं कई चर्चित कैदी

MDC जेल की कुख्याति का एक कारण इसके High-Profile कैदी भी रहे हैं:

  • सिंगर R. Kelly
  • म्यूजिक मोगुल Sean ‘Diddy’ Combs
  • क्रिप्टो टायकून Sam Bankman-Fried
  • जेफ्री एपस्टीन की सहयोगी Ghislaine Maxwell

फिलहाल जेल में—सिनालोआ ड्रग कार्टेल के को-फाउंडर Ismael ‘El Mayo’ जम्बाड़ा UnitedHealthcare CEO की हत्या के आरोपी Luigi Mangione जैसे खतरनाक अपराधी बंद हैं।

हिंसा, हत्या और रिश्वत के आरोप

MDC जेल में हिंसा कोई नई बात नहीं है।

  • 2024 में कैदियों ने दो अन्य कैदियों की हत्या कर दी
  • जेलकर्मियों पर रिश्वत लेकर बैन सामान सप्लाई करने के आरोप
  • मार्च 2024 में 23 कैदियों पर हिंसक हमले
  • 2019 में ठंड के दौरान बिजली गुल, पूरी जेल अंधेरे में

यही नहीं, हिप-हॉप आइकन Jam Master Jay की हत्या के आरोपी पर भी जेल में हमला हुआ था।

Epstein Case की परछाई अब भी

जेफ्री एपस्टीन की जेल में हुई रहस्यमयी मौत के बाद न्यूयॉर्क की दूसरी संघीय जेल Metropolitan Correctional Center (MCC) को बंद करना पड़ा था।

उसके बाद से ही MDC पर— सुरक्षा में लापरवाही, मेडिकल सुविधाओं की कमी, अमानवीय व्यवहार जैसे गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

सुधार के दावे, लेकिन सवाल बरकरार

हाल ही में Federal Bureau of Prisons ने दावा किया है कि सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई, डॉक्टर्स की तैनाती हुई। बिजली और पानी की स्थिति सुधारी गई लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जमीनी हकीकत अब भी रिपोर्ट्स से मेल नहीं खाती।

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